जमशेदपुर। शहर के कारोबारियों के लिए सिरदर्द बना जुगसलाई का फरार अपराधी मनीष सिंह आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। उसकी गिरफ्तारी पारडीह स्थित गोल्डन लीफ रिसोर्ट से की गई। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है।
बताया जाता है कि हाल ही में जेल से छूटने के बाद मनीष सिंह लगातार कारोबारियों से रंगदारी की मांग कर रहा था और दहशत का माहौल बना रखा था। आर्म्स एक्ट, रंगदारी, फायरिंग समेत कई संगीन मामलों में उसका नाम पहले से दर्ज है।
48 घंटे में एक्शन — नए थाना प्रभारी ने दिखाई सख्ती

गौरतलब है कि मनीष सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर जुगसलाई थाना प्रभारी बैजनाथ कुमार को निलंबित किया गया था। इसके बाद महज़ दो दिन पहले ग़ुलाम रब्बानी खा को नया थाना प्रभारी बनाया गया।
ज्वाइनिंग के 48 घंटे के भीतर ही गुलाम रब्बानी ने रणनीति बनाकर घेराबंदी की और पारडीह के गोल्डन लीफ रिसोर्ट से मनीष सिंह को दबोच लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी रिसोर्ट में कमरा लेकर छिपा हुआ था।
हालांकि कुछ लोग इसे “सरेंडर” बताने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस सूत्रों का साफ कहना है कि अगर सरेंडर होता तो वह सीधे थाने पहुंचता। रिसोर्ट में दबिश और गिरफ्तारी यह साबित करती है कि यह पूरी तरह से पुलिस की कार्रवाई थी।
कारोबारियों में राहत, पुलिस का बढ़ा मनोबल
मनीष सिंह की गिरफ्तारी से शहर के कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। जुगसलाई थाना में नए नेतृत्व के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश गया है कि अपराध और रंगदारी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई ने उन्हें “सुपर कॉप” के रूप में स्थापित कर दिया है। महज़ 48 घंटे में फरार अपराधी को गिरफ्तार कर उन्होंने यह संकेत दे दिया है कि जुगसलाई में अब कानून का राज चलेगा, अपराधियों का नहीं।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क व सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है। शहर में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।




