सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन में कैसे शामिल हुए शिक्षक और छात्र ,डीईओ निशु कुमारी ने कहा—“मामले की जानकारी नहीं, नियम के खिलाफ हुआ तो तय होगी जवाबदेही”
पोटका। पोटका प्रखंड के मानपुर गांव में जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क निर्माण की मांग को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन में आम ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में सरकारी विद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। प्रदर्शन में आम लोगों की तुलना में स्कूल के बच्चों और शिक्षकों की संख्या अधिक बताई गई।

ग्रामीणों का कहना है कि मानपुर एक ऐतिहासिक गांव है, जहां अंग्रेजों के समय से ही शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहां कक्षा 1 से लेकर इंटर तक की पढ़ाई होती है। दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन यहां पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा गांव में पोस्ट ऑफिस, पंचायत भवन और तीन आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, मानपुर को जोड़ने वाली लगभग सभी प्रमुख सड़कें जर्जर हालत में हैं। दाबांकी मुख्य सड़क से मानपुर, कमलपुर से मानपुर, दिगरसाई से मानपुर, गोबरागोड़ा से मानपुर और मातकमडीह से मानपुर जाने वाली सड़कों की स्थिति खराब है। इन रास्तों से प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राओं, आम लोगों और दिहाड़ी मजदूरों का आवागमन होता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सड़कों की खराब स्थिति के कारण सबसे अधिक परेशानी मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
डीईओ ने कहा – नियम के विरुद्ध है प्रदेशन, जवाबदेही तय होगी
वहीं, मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी निशु कुमारी ने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी विरोध प्रदर्शन की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी विद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं किसी राजनीतिक या सरकार विरोधी प्रदर्शन में शामिल हुए हैं, तो यह नियमों के खिलाफ है। मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही या नियम उल्लंघन सामने आता है तो जवाबदेही तय की जाएगी।
विरोध प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता धीरन भकत, अंबिका महतो, ग्राम प्रधान गोपाल मुर्मू, मुखिया प्रतिनिधि तरनी सिंह सरदार, हरि मांडी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिक्षक कृष्णा टुडू समेत सभी शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।




